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Calculations 2026-10-13 · 3 मिनट

घर और अपार्टमेंट का विद्युत लोड कैलकुलेशन: चरण-दर-चरण गाइड

Connected load से demand load तक: diversity factor के साथ घर के विद्युत लोड की गणना, काम करते उदाहरण, ब्रेकर-केबल चुनाव की नींव और सामान्य गलतियाँ।

लेखक: GorkyCAD टीम

लोड कैलकुलेशन क्यों, और connected vs demand में क्या फर्क है

किसी भी घर या अपार्टमेंट की विद्युत परियोजना की शुरुआत लोड कैलकुलेशन से होती है। गणना सही हो तो मुख्य ब्रेकर, इनकमिंग केबल और पैनल का लेआउट आत्मविश्वास से तय होता है; गलत हो तो बार-बार ट्रिप करता MCB, गरम होती केबल और आख़िर में रीवर्क का खर्च झेलना पड़ता है। यही वजह है कि मीटर या पैनल फ़ाइनल करने से पहले लोड निकालना ज़रूरी है।

दो शब्दों का फर्क पहले साफ़ कर लें। Connected load घर के हर उपकरण की नाममात्र शक्ति (rated power) का सीधा जोड़ है — तीन AC, geyser, fridge, पंखे, बल्ब, सब मिलाकर। Demand load वह असली माँग है जो एक समय पर आती है, क्योंकि उपकरण एक साथ नहीं चलते। पूरा डिज़ाइन demand load पर बनता है, connected load सिर्फ़ शुरुआती बिंदु है।

भारत में घरेलू सप्लाई आमतौर पर 230 V, 50 Hz (सिंगल-फेज़ या थ्री-फेज़) होती है और डिज़ाइन का आधार IEC 60364 श्रृंखला (भारत में IS 732) है। यह गाइड गणना का तरीका समझाती है; अंतिम मान आपकी स्थानीय वितरण कंपनी की सैंक्शन्ड लोड और लागू स्टैंडर्ड के अनुसार होने चाहिए।

पहला कदम: उपकरणों की लिस्ट और रेटिंग

कागज़ या स्प्रेडशीट पर room-by-room लिस्ट बनाएँ। हर उपकरण के लिए तीन बातें लिखें — नाममात्र शक्ति, अनुमानित रनिंग टाइम, और यह किस ग्रुप (लाइटिंग, सॉकेट, किचन, हेवी अप्लायंस) में आता है। रेटिंग उपकरण के बॉडी या मैनुअल पर मिलती है।

उपकरणलगभग शक्तिटिप्पणी
LED बल्ब10 Wरूम लाइटिंग
Ceiling fan75 Wरूम ग्रुप
AC, 1.5 TRलगभग 1500 Wहेवी लोड, अलग सर्किट
Geyser, 15 Lलगभग 2000 Wहेवी लोड, अलग सर्किट
Refrigerator120–150 Wकंप्रेसर साइकिलिंग करता है
Washing machineलगभग 500 Wहीटर वाले मॉडल ज़्यादा
Induction cooktopलगभग 1500 Wकिचन ग्रुप
Microwaveलगभग 1200 Wकिचन ग्रुप

तालिका के मान सामान्य उदाहरण हैं — अपने उपकरण की असली रेटिंग ही लें। अगर रेटिंग kVA में लिखी है, तो वह apparent power है; watts में बदलते समय power factor (घरेलू उपकरणों पर आम तौर पर 0.8–0.9) का ध्यान रखें। अगर रेटिंग TR या लीटर में है, तो निर्माता का डेटा देखकर वाट में बदलें।

Diversity factor और simultaneity समझें

सिर्फ़ कनेक्टेड लोड का जोड़ निकालकर उसी पर ब्रेकर चुनना सबसे बड़ी भूल है। सुबह चाय के समय और रात सोते समय माँग लगभग आधी होती है। इसी औसत माँग को पकड़ने के लिए diversity factor (कई जगह simultaneity factor भी कहते हैं) लगाया जाता है — यानी हर ग्रुप के कनेक्टेड लोड को एक भिन्न (fractional) अनुपात से गुणा किया जाता है।

घरेलू इंस्टॉलेशन में आम अभ्यास यह है:

  • लाइटिंग और पंखे: कनेक्टेड लोड का लगभग 60–70%
  • सॉकेट आउटलेट ग्रुप: लगभग 40–50%
  • किचन ग्रुप: लगभग 60–70%
  • हेवी अप्लायंस (AC, geyser): लगभग 75–90% — अगर वे अलग-अलग सर्किट पर हैं, तो यह अनुपात हर सर्किट पर अलग से लागू करें

ये मान सामान्य अभ्यास (typical values) हैं, कोई सार्वभौमिक नियम नहीं — लागू स्टैंडर्ड और उपयोग के पैटर्न के अनुसार बदलते हैं। अगर उपयोग का पैटर्न पता न हो, तो अधिक सुरक्षित (कम diversity) मान रखना बेहतर है।

उदाहरण: 3BHK अपार्टमेंट की गणना

मान लीजिए तीन बेडरूम का अपार्टमेंट, सिंगल-फेज़ 230 V सप्लाई। पहले कनेक्टेड लोड जोड़ें:

उपकरणमात्राएक यूनिट की शक्तिकुल
AC, 1.5 TR21500 W3000 W
Geyser12000 W2000 W
Refrigerator1150 W150 W
Washing machine1500 W500 W
Induction cooktop11500 W1500 W
Microwave11200 W1200 W
LED लाइटें1610 W160 W
Ceiling fans575 W375 W
TV, चार्जर, कंप्यूटर1 सेट400 W400 W
कुल connected load9285 W यानी लगभग 9.3 kW

अब diversity लगाकर demand निकालें

  1. लाइटिंग और पंखे: 535 W × 0.7 = 375 W
  2. TV और सॉकेट ग्रुप: 400 W × 0.4 = 160 W
  3. किचन ग्रुप: 3350 W × 0.7 = 2345 W
  4. AC और geyser: 5000 W × 0.75 = 3750 W
  5. कुल demand load: लगभग 6.6 kW
  6. वर्किंग करंट: 6600 W ÷ (230 V × 0.95) = लगभग 30 A (यहाँ power factor cosφ = 0.95 मानलिया है)

यही लगभग 30 A का मान आगे के फैसलों की नींव है। ध्यान दें कि 9.3 kW और 6.6 kW में बड़ा फर्क है — सिर्फ़ connected load पर निर्णय लेते तो हर प्रोजेक्ट ओवर-साइज़ हो जाता।

मुख्य ब्रेकर और इनकमिंग केबल का चुनाव

वर्किंग करंट निकलने के बाद आगे के चरण सीधे हैं:

  1. मुख्य ब्रेकर का नोमिनल करंट वर्किंग करंट से बड़ा हो और मानक श्रेणी में आए — यहाँ 32 A उपयुक्त रहता है।
  2. इनकमिंग केबल की करंट क्षमता (ampacity) IEC 60364-5-52 की टेबल से लें और उस पर इंस्टॉलेशन की स्थिति के अनुसार डिरेटिंग लगाएँ — जैसे बहुत ज़्यादा गर्म वाली जगह या बंडल में बिछी केबल पर। सामान्य स्थिति में आमतौर पर लगभग 6 mm² तांबे (copper) की केबल इस लोड पर उपयुक्त रहती है — अंतिम मान टेबल और डिरेटिंग चेक के बाद ही लें।
  3. वोल्टेज ड्रॉप जाँचें: मुख्य वितरण से आख़िरी सॉकेट तक कुल ड्रॉप आमतौर पर 5% से कम रखा जाता है, लाइटिंग सर्किट पर और भी सख़्त। लंबी दूरी पर बड़ा क्रॉस-सेक्शन इसीलिए ज़रूरी होता है।
  4. RCBO/RCD सुरक्षा और अर्थिंग (earthing) का अलग से ध्यान रखें — लोड कैलकुलेशन सुरक्षा का विकल्प नहीं है।

अगर कनेक्शन थ्री-फेज़ है, तो कुल लोड तीनों फेज़ में संतुलित बाँटें और प्रति फेज़ करंट P ÷ (√3 × 415 V × cosφ) से निकालें। असंतुलित बँटाव पर न्यूट्रल पर लोड और गरमाहट बढ़ती है।

सामान्य गलतियाँ

  • सभी उपकरणों को एक साथ चलना मान लेना — connected load पर ही ब्रेकर चुनना।
  • kVA और kW को एक समझना; रेटिंग का सही यूनिट पढ़ना भूल जाना।
  • AC की कूलिंग क्षमता (TR) को वाट में बदलते समय निर्माता का डेटा न देखना।
  • भविष्य के लोड — EV चार्जर, अतिरिक्त AC, इन्वर्टर-बैटरी — पहले से न जोड़ना, बाद में पूरा पैनल बदलना पड़ना।
  • केबल को सिर्फ़ ब्रेकर के नोमिनल से चुन लेना, और टेम्परेचर/ग्रुपिंग डिरेटिंग भूल जाना।
  • सैंक्शन्ड लोड की परवाह न करना — कनेक्शन की अनुमत सीमा से ऊपर का लोड वितरण कंपनी मंज़ूर नहीं करती।

हर गलती का नतीजा या तो ट्रिपिंग है, या अनावश्यक लागत। दोनों से बचने का एक ही उपाय है — गणना को चरणों में करना और उसे दस्तावेज़ में रखना।

गणना को दस्तावेज़ में कैसे बदलें

लोड शीट, वन-लाइन डायग्राम और पैनल डिटेल — तीनों एक-दूसरे से जुड़े होने चाहिए। अगर लोड शीट बदलती है, तो ब्रेकर और केबल की गणना भी दोबारा जाँचनी चाहिए। इसे कागज़ की कॉपी में न छोड़ें — ऑनलाइन CAD टूल में लोड डालिए, और वही मॉडल वन-लाइन डायग्राम, पैनल शीट और कैलकुलेशन रिपोर्ट तीनों बना दे, जिसे PDF में एक्सपोर्ट करके रिकॉर्ड रखा जा सके।

यह गाइड सिर्फ़ विधि समझाती है; लाइसेंस्ड इलेक्ट्रिकल इंजीनियर से अंतिम डिज़ाइन जाँचवाना हमेशा बेहतर रहता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लोड कैलकुलेशन कितनी बार दोबारा करना चाहिए?

नया कनेक्शन, रेनोवेशन या कोई भारी उपकरण (AC, geyser, EV चार्जर, इन्वर्टर) जोड़ने पर। साथ ही, अगर ब्रेकर बार-बार ट्रिप करे तो गणना की दोबारा जाँच करें।

Connected load और sanctioned load में क्या फर्क है?

Connected load उपकरणों की रेटिंग का जोड़ है; sanctioned load वह सीमा है जो वितरण कंपनी आपके कनेक्शन के लिए अनुमत करती है। डिज़ाइन का मान उसी सीमा के भीतर होना चाहिए।

Diversity factor घर के लिए कैसे तय करें?

उपयोग के पैटर्न और लागू स्टैंडर्ड के अनुसार। घरेलू ग्रुप पर आम अभ्यास 0.4 से 0.8 तक है। पैटर्न अनिश्चित हो तो कम diversity (यानी अधिक सुरक्षित मान) रखें।

थ्री-फेज़ कनेक्शन में गणना अलग कैसे होती है?

कुल लोड तीनों फेज़ में संतुलित बाँटें; प्रति फेज़ करंट P ÷ (√3 × 415 V × cosφ) से निकालें। असंतुलन पर न्यूट्रल करंट और गरमाहट बढ़ती है।

क्या यह गणना बिना इंजीनियर के कर सकते हैं?

तरीका सीखकर आसान घरेलू प्रोजेक्ट में ख़ुद कर सकते हैं, पर अंतिम डिज़ाइन लाइसेंस्ड इलेक्ट्रिकल इंजीनियर से जरूर जाँचवाएँ — सुरक्षा का सवाल है।

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