फ़्री प्लान में क्या मिलता है
GorkyCAD ब्राउज़र में चलने वाला ऑनलाइन CAD है — इंस्टॉल कुछ नहीं करना पड़ता। एक ही मॉडल से वन-लाइन डायग्राम, प्लान, पैनल और केबल शेड्यूल निकलते हैं, इसलिए डेटा बार-बार दोहराना नहीं पड़ता। साथ में 70 से ज़्यादा कैलकुलेशन और IEC 60364 की जाँचें, 51 फ़ंक्शन वाला AI असिस्टेंट, और एक्सपोर्ट — PDF, DXF, XLSX, IFC, BCF, GLTF। काम ऑफ़लाइन (PWA) मोड में भी चलता है।
फ़्री प्लान में आप तीन प्रोजेक्ट तक बना सकते हैं और शुरुआत के लिए कार्ड की ज़रूरत नहीं होती। ये तीन प्रोजेक्ट कोई घड़ी-भर का डेमो नहीं हैं: इनमें सारे हथियार उपलब्ध रहते हैं, बस प्रोजेक्ट की संख्या पर रोक है। इसलिए असली सवाल यह नहीं है कि कुछ भी बना लूँ, बल्कि यह है कि तीनों जगहें इस तरह बाँटी जाएँ कि हर एक अलग सीख दे।
नीचे एक ऐसा बँटवारा दिया गया है जो रोज़मर्रा के काम से मिलता-जुलता है: एक घरेलू प्रोजेक्ट, एक व्यावसायिक जगह और एक पैनल-डॉक्यूमेंटेशन। तीनों अलग हैं, फिर भी एक ही मॉडल पर टिके हैं — यही इस तरह के CAD की ख़ासियत है।
प्रोजेक्ट 1: अपार्टमेंट की पूरी वायरिंग योजना
पहले प्रोजेक्ट के लिए अपने आस-पास का कोई असली फ़्लैट चुनें — ख़ाली फ़्लैट, अपना घर या किसी दोस्त का। दो बेडरूम, लिविंग, किचन और बाथरूम का प्लान बनाइए, हर रूम में सॉकेट, लाइटिंग पॉइंट और ज़रूरी अप्लायंस के पॉइंट रखिए। असली जगह इसलिए, क्योंकि तब दीवार, दरवाज़े और लंबाइयाँ आप ख़ुद नाप सकते हैं और डिज़ाइन को ज़मीन से जोड़कर देख सकते हैं।
इसके बाद सर्किट बनाइए: लाइटिंग अलग, पावर सॉकेट अलग, और भारी अप्लायंस — एसी, वॉशिंग मशीन, गीज़र — के लिए अलग सर्किट। हर सर्किट पर लोड दर्ज कीजिए, फिर केबल सेक्शन और ब्रेकर का चुनाव मॉडल के हिसाब से होने दीजिए। अंत में वोल्टेज ड्रॉप की जाँच कीजिए — लंबी ट्रांज़िट वाले सर्किट अक्सर यहीं पकड़ में आते हैं।
इस एक प्रोजेक्ट से पूरा घरेलू वर्कफ़्लो सीखने को मिलता है: प्लान से सर्किट, सर्किट से लोड, लोड से नाप और नाप से शेड्यूल। जो ग़लती यहाँ होगी — किसी सर्किट में लोड छूटना, बाथरूम के लिए सुरक्षा उपकरण का चुनाव भूल जाना — वही अगले प्रोजेक्ट में दोबारा नहीं होगी।
एक सुझाव और: पहले प्रोजेक्ट को बेकार की चीज़ों से बचाकर बनाइए — नक़्शे की पूरी जटिलता, हर कोने की लाइट या अलमारियों की बारीकियाँ छोड़ दीजिए। सर्किट, लोड और सुरक्षा पर ध्यान दीजिए; बाक़ी सजावट बाद में जुड़ जाएगी। इससे पहला प्रोजेक्ट समय पर पूरा होगा और उसका PDF सेट भी देखने लायक बनेगा।
प्रोजेक्ट 2: दुकान या छोटा ऑफ़िस
दूसरा प्रोजेक्ट थोड़ा अलग मिज़ाज का रखें। एक दुकान, क्लिनिक या छोटा ऑफ़िस लीजिए: ओपन एरिया में लाइटिंग की बैटरियाँ, काउंटर पर पावर पॉइंट, एक-दो एसी या कूलिंग लोड, और साइनबोर्ड या आउटडोर लाइटिंग। यहाँ लोड का मिज़ाज घर से अलग होता है — लाइटिंग का हिस्सा बड़ा होता है, सर्किट की गिनती कम होती है, पर चलने का समय ज़्यादा।
इस प्रोजेक्ट में लोड कैलकुलेशन पर ध्यान दें। जिस जगह पर एक साथ कई चीज़ें नहीं चलतीं, वहाँ डिज़ाइन लोड अलग होता है — यही वह जगह है जहाँ अनुमान और जाँच का फ़र्क़ दिखता है। मॉडल में लोड दर्ज कीजिए और देखिए कि मुख्य सर्किट और बोर्ड का चुनाव कैसे बदलता है। तीन-फ़ेज़ सप्लाई वाली जगह हो तो फ़ेज़-वाइज़ लोड का बँटवारा भी यहीं कर लीजिए।
सीखने वाली बात यह है कि एक ही मॉडल से आप प्लान भी निकालते हैं और केबल शेड्यूल भी। दुकान के मालिक को अगर सिर्फ़ अनुमान चाहिए, तो वह भी उसी मॉडल से निकल जाता है — अलग स्प्रेडशीट बनाने और नंबर दोबारा टाइप करने की ज़रूरत नहीं रहती।
प्रोजेक्ट 3: पैनल-असेंबली और डॉक्यूमेंटेशन
तीसरे प्रोजेक्ट में बिल्डिंग छोड़िए और सिर्फ़ डिस्ट्रिब्यूशन बोर्ड पर ध्यान दीजिए। दो-तीन बोर्ड लीजिए, उनमें ब्रेकर, RCD और ज़रूरी नियंत्रण उपकरण भरिए, सेलेक्टिविटी जाँचिए और देखिए कि हर सर्किट की सुरक्षा एक-दूसरे से मेल खाती है या नहीं। यह वह काम है जो असेंबली वर्कशॉप में सबसे ज़्यादा समय लेता है।
| प्रोजेक्ट | जो सीखेंगे | आउटपुट |
|---|---|---|
| 1. अपार्टमेंट | पूरा घरेलू वर्कफ़्लो, वोल्टेज ड्रॉप | प्लान, वन-लाइन डायग्राम, केबल शेड्यूल |
| 2. दुकान/ऑफ़िस | लोड कैलकुलेशन, डिज़ाइन लोड | लोड लिस्ट, अनुमान |
| 3. पैनल | सेलेक्टिविटी, डॉक्यूमेंटेशन | पैनल पासपोर्ट, PDF सेट |
इस प्रोजेक्ट का असली फ़ायदा दस्तावेज़ों में दिखता है। PDF कंप्लीट सेट में स्पेसिफिकेशन, केबल जर्नल, अनुमान और पैनल पासपोर्ट — ये चारों चीज़ें उसी मॉडल से निकलती हैं जिसमें आपने सर्किट भरे थे। एक बार यह सेट बन जाए, तो क्लाइंट या साइट टीम को देने लायक पैकेट तैयार हो जाता है।
शुरुआत में बोर्ड की जानकारी अधूरी रह सकती है, इसलिए पहले सादा बोर्ड बनाइए और फिर उसे धीरे-धीरे भरिए। अगर किसी सर्किट का नाप बदलता है, तो शेड्यूल और पासपोर्ट दोनों उसी मॉडल से अपडेट हो जाते हैं — यही आदत आगे चलकर सबसे ज़्यादा समय बचाती है।
तीनों प्रोजेक्ट से ज़्यादा फ़ायदा कैसे लें
तीनों प्रोजेक्ट एक ही आर्डर में मत बनाइए। पहला प्रोजेक्ट पूरा कीजिए, उसका PDF सेट निकालिए और एक हफ़्ते रुकिए; फिर दूसरे प्रोजेक्ट में जाइए। इस तरह हर प्रोजेक्ट अपने साथ नई सीख लेकर आता है, और पहले वाले की ग़लतियाँ दूसरे में दोहराई नहीं जातीं।
- हर प्रोजेक्ट के अंत में जाँच ज़रूर चलाइए — लोड, वोल्टेज ड्रॉप और सुरक्षा उपकरण का चुनाव।
- PDF सेट निकालकर ख़ुद पढ़िए — जो दस्तावेज़ आप क्लाइंट को देंगे, उसे पहले आपको समझना चाहिए।
- AI असिस्टेंट से वही काम शुरू करवाइए जो आख़िर में टलता है — शेड्यूल, जाँच, स्पेसिफिकेशन।
- पुरानी विधि और मॉडल के नतीजे मिलाकर देखिए — जहाँ मिलते हैं, वहाँ भरोसा बनता है।
तीनों प्रोजेक्ट के बाद आपके पास एक अपार्टमेंट का पूरा सेट, एक व्यावसायिक लोड कैलकुलेशन और एक पैनल-डॉक्यूमेंटेशन का नमूना रहेगा — यानी असली काम शुरू करने के लिए तीन तैयार उदाहरण। ज़रूरत बढ़े तो Pro में प्रोजेक्ट की गिनती पर रोक नहीं रहती; €40 प्रति माह है और सदस्यता कभी भी रोकी जा सकती है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फ़्री प्लान में कितने प्रोजेक्ट बन सकते हैं?
तीन प्रोजेक्ट तक, बिना कार्ड के। सारे मुख्य हथियार — कैलकुलेशन, जाँच और एक्सपोर्ट — उपलब्ध रहते हैं।
क्या फ़्री प्रोजेक्ट क्लाइंट को दे सकते हैं?
हाँ, प्रोजेक्ट आपके ही होते हैं। PDF कंप्लीट सेट — स्पेसिफिकेशन, केबल जर्नल, अनुमान और पैनल पासपोर्ट — बनाकर दिया जा सकता है।
तीसरा प्रोजेक्ट ख़त्म होने पर क्या होगा?
ज़रूरत हो तो Pro लीजिए — €40 प्रति माह, प्रोजेक्ट की गिनती पर रोक नहीं, और सदस्यता कभी भी रोकी जा सकती है।
क्या इंटरनेट न हो तो काम रुक जाएगा?
नहीं। टूल ब्राउज़र में चलता है और ऑफ़लाइन (PWA) मोड भी उपलब्ध है, इसलिए साइट पर या नेटवर्क के बिना भी काम जारी रहता है।